बाल दिवस
14 नवम्बर 2019( बाल दिवस) बाल दिवस किसी एक दिन का नाम नहीं बल्कि प्रत्येक साल के 365 दिनों बाल दिवस होता हैं। हम इस बात को कितना स्वीकार करते हैं ये तो हम पर ही निर्भर है।क्योंकि स्व. पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू जी ने अपने जन्मदिन को बच्चों के साथ मनाकर उसे ऐतिहासिक केवल शुभकामनाएं/बधाई के लिए नहीं मनाया।बल्कि उनको ज्ञात था की ये बच्चे भारत का भविष्य है इसलिए इनका सर्वांगीण विकास अतिआवश्यक है। व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए अच्छे साहित्य की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है।ठीक उसी प्रकार बालको के सर्वांगीण विकास के लिए बाल साहित्य जरूरी हैं। बालको को मोबाइल हाथ मे देकर उसके आने भविष्य को गर्त में मत डालिए बल्कि मोबाइल की बजाय उसे अच्छी बाल कहानियाँ /कविताओं की पुस्तक लाकर दीजिए। सच मानिए बालक उन बाल कहानियों को पढ़कर बहुत से जीवन-मूल्यों को ग्रहण कर लेगा। पंचतंत्र के लेखक आचार्य विष्णु शर्मा ने अपनी कहानियों के माध्यम से किस प्रकार राजा के तीन पूर्णतःअयोग्य पुत्रो को योग्य और प्रजा प्रिय बना दिया था। (पंचतंत्र) राजा कृष्णदेवराय की समस्याओं को तेनालीराम अपनी बुद्धि च...